देहरादून। प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रदेशभर के 13 और प्राथमिक विद्यालयों का कायाकल्प किया जायेगा। जर्जर हो चुके इन विद्यालय भवनों का पुनर्निर्माण किया जायेगा, साथ ही कुछ विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष निर्मित किये जायेंगे। जिसके लिये राज्य सरकार द्वारा 274 लाख की धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। उक्त विद्यालयों में निर्माण व मरम्मत कार्यों के लिये कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी गई है। विद्यालयों में निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था के सुधार को लेकर खासी संजीदा है। खासकर प्राथमिक शिक्षा के सुदृढ़ीकरण पर सरकार का विशेष ध्यान है, ताकि प्राथमिक स्तर पर प्रदेश के नौनिहालों को बेहतर शैक्षणिक महौल के साथ ही उच्चकोटि की शिक्षा मिल सके। डॉ. रावत ने बताया कि सरकार प्राथमिक स्तर के विद्यालयों में बच्चों के लिये सभी भौतिक संसाधन उपलब्ध करा रही है साथ ही ऐसे विद्यालय जिनके भवन जर्जर या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं उनका पुनर्निर्माण करा रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के चार जनपदों देहरदान, पिथौरागढ़, रूद्रप्रयाग एवं टिहरी के 13 प्राथमिक विद्यालयों के पुनर्निर्माण, वृहद मरम्मत कार्य एवं अतिरिक्त कक्षा-कक्षाओं के लिये 274.20 लाख की धनराशि स्वीकृत कर दी है। शीघ्र ही उक्त राशि विद्यालयों को आवंटित कर दी जायेगी। उन्होंने बताया कि जनपद देहरादून में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चान्दपुर में वृहद मरम्मत कार्य के लिये 10.80 लाख तथा राजकीय प्राथमिक विद्यालय सावड़ा में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष के निर्माण के लिये 11.50 की लाख स्वीकृत दे दी है। इसी प्रकार पिथौरागढ़ जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय किमटा को 17.50 लाख तथा कवाधार में मरम्मत कार्य के लिये 18.26 लाख स्वीकृत किये हैं। रूद्रप्रयाग जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय नौना दानकोट, सेमलता, किमाणा, भुनका वल्ला तथा झुण्डोली में मरम्मत कार्य व कक्षा-कक्ष निर्माण के लिये 14-14 लाख स्वीकृत किये हैं। जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय डुंग्रा एवं कोलू भन्नू में भवन पुनर्निर्माण के लिये 40.30-40.30 लाख मंजूर किये हैं। इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय डोभासौड़ में 32 लाख तथा टिहरी जनपद में प्राथमिक विद्यालय सुनारगांव के भवन पुनर्निर्माण के लिये 33.62 लाख स्वीकृत किये हैं। इसके साथ ही उक्त विद्यालयों में निर्माण कार्य के लिये ग्रामीण निर्माण विभाग, मण्डी परिषद तथा पेयजल निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। शीघ्र ही उक्त धनाराशि विद्यालयों को आंवटित कर दी जायेगी। डा. रावत ने बताया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जायेगी, इसके लिये विभागीय अधिकारियों व कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं साथ ही निर्माण कार्य नियम समय पर पूरा करने को भी कहा गया है।
13 और क्षतिग्रस्त प्राथमिक विद्यालयों की बदलेगी सूरतः डॉ. धन सिंह रावत