रुद्रप्रयाग। जखोली विकासखंड के अंतर्गत आने वाला गोरपा-सिरवाड़ी-कुरछोला मोटरमार्ग एक बार फिर बदहाली को लेकर सुर्खियों में है। 22 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण ग्रामीण मार्ग पर दिसंबर 2025 में 3.56 करोड़ रुपये की लागत से सड़क पेंटिंग का कार्य कराया गया था, लेकिन महज एक माह में यह काम पूरी तरह से उखड़ता नजर आ रहा है।
सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि जगह-जगह पेंटिंग उखड़ गई है, सड़क की सतह टूट चुकी है, बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं और कई स्थानों पर मार्ग का अस्तित्व ही संकट में दिखाई दे रहा है। यह मार्ग पीएमजीएसवाई और लोक निर्माण विभाग के अधीन आता है और सिलगढ़ पट्टी के दर्जनों गांवों को जोड़ता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने ठेकेदार पर घटिया सामग्री के प्रयोग और मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में ड्रेनेज की उचित व्यवस्था न होने से सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई है। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद सड़क की हालत पहले से भी खराब होना सरकारी सिस्टम पर सवाल खड़े करता है। इस मार्ग की बदहाली से स्कूल जाने वाले बच्चों, बीमार मरीजों की एम्बुलेंस, बुजुर्गों और किसानों को अपने कृषि उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मानसून के दौरान पहले ही यह मार्ग भूस्खलन और बंद होने की समस्या झेलता रहा है, अब निर्माण गुणवत्ता ने परेशानी को और बढ़ा दिया है। ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषी ठेकेदार पर पेनल्टी व ब्लैक लिस्टिंग, तथा सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है। हालांकि, इस पूरे मामले पर लोक निर्माण विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सरकारी योजनाओं के तहत करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़कों की गुणवत्ता पर बार-बार सवाल उठना चिंता का विषय है। अब देखना यह होगा कि क्या विभाग इस बार वास्तव में जिम्मेदारों पर कार्रवाई करेगा या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।