रुद्रप्रयाग। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पायल सिंह की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय परिसर में एक महत्वपूर्ण प्री-लोक अदालत बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में पैनल अधिवक्ताओं और लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्यों ने प्रतिभाग किया, जिसका मुख्य उद्देश्य आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को प्रभावी और परिणामकारी बनाना रहा।
सचिव पायल सिंह ने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह न्याय प्राप्ति का एक ऐसा सशक्त माध्यम है जहां वादों का त्वरित, कम खर्चीला और सबसे महत्वपूर्ण-सौहार्दपूर्ण निस्तारण संभव है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत न केवल न्यायालयों का बोझ कम करती है, बल्कि पक्षकारों के बीच आपसी विश्वास और प्रेम को भी बढ़ाती है।
बैठक में लंबित सिविल, आपराधिक (शमन योग्य), पारिवारिक विवाद, बैंक ऋण, मोटर दुर्घटना दावा और विद्युत चोरी से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। सचिव ने अधिवक्ताओं को चिन्हित मामलों के पक्षकारों से पहले ही समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि लोक अदालत के दिन अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण किया जा सके। लीगल एड डिफेंस काउंसिल जेल में निरुद्ध बंदियों से संपर्क कर उनके समझौता योग्य मामलों का परीक्षण करने के निर्देश दिए। अधिवक्ताओं से अपेक्षा की गई कि वे अधिक से अधिक मामलों को प्री-लिटिगेशन की श्रेणी में लाएं ताकि जनता को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिल सके। बैठक के समापन पर उपस्थित सभी अधिवक्ताओं ने सचिव को आगामी लोक अदालत को सफल बनाने के लिए पूर्ण निष्ठा और सक्रिय सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर न्यायालय के कई वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता एवं न्यायिक कर्मचारी उपस्थित रहे।