देहरादून । 20 मार्च 2026 को उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा भूचाल आया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कैबिनेट का विस्तार हो गया। पांच नए चेहरों ने शपथ ली और अब मंत्रिमंडल अपनी अधिकतम क्षमता 12 सदस्यों तक पहुंच गया है। सबसे खास बात हर मंत्री को विकास-उन्मुखी और जनकल्याण वाले विभाग सौंपे गए हैं।
यह विस्तार 2027 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आया है और गढ़वाल-कुमाऊं संतुलन के साथ जातीय-क्षेत्रीय समीकरण भी साधा गया है। आइए जानते हैं कौन-कौन से मंत्री बने और उन्हें किस-किस महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी मिली। पूर्व वित्त मंत्री मदन कौशिक (हरिद्वार) को एक बार फिर अहम जिम्मेदारी मिली है। उन्हें पूर्व वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल वाले विभाग सौंपे गए हैं। अब वे वित्त, शहरी विकास, आवास, विधायी एवं संसदीय कार्य संभालेंगे।
यह फैसला राज्य की आर्थिक मजबूती और शहरी विकास को नई गति देने वाला माना जा रहा है। देहरादून के राजपुर रोड विधायक खजान दास को सामाजिक न्याय से जुड़े अहम विभाग सौंपे गए। वे अब समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण और निर्वाचन जैसे संवेदनशील विभाग देखेंगे।
खजान दास की ग्रामीण पृष्ठभूमि और पिछली राज्यमंत्री वाली अनुभव को देखते हुए यह जिम्मेदारी उनके लिए बिल्कुल सटीक है। रुद्रप्रयाग से विधायक भरत सिंह चौधरी (जिन्हें हाल ही में कैबिनेट में शामिल किया गया) को तीन शक्तिशाली विभाग मिले हैं, परिवहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और खादी एवं ग्रामोद्योग।
पहाड़ी क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी, युवा उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह फैसला गेम-चेंजर साबित होगा। केदारनाथ यात्रा मार्गों की बेहतरी, एमएसएमई यूनिट्स की स्थापना और खादी उत्पादों को ग्लोबल मार्केट तक पहुंचाने की दिशा में अब तेजी आएगी। रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा को पेयजल, जनगणना और पुनर्गठन विभाग सौंपे गए। पहाड़ी इलाकों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, आगामी जनगणना की तैयारी और प्रशासनिक पुनर्गठन जैसे काम अब उनके जिम्मे हैं। भीमताल (नैनीताल) विधायक राम सिंह कैड़ा को आयुष एवं आयुष शिक्षा, ऊर्जा तथा वैकल्पिक ऊर्जा विभाग मिले हैं। देवभूमि में आयुर्वेद, योग और हर्बल मेडिसिन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सौर ऊर्जा और हाइड्रो पावर पर फोकस बढ़ेगा।