रामनगर। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेशभर में लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में अभी तक पूर्ण न्याय न मिलने से आमजन, खासकर महिलाओं में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को रामनगर में महिला एकता मंच के बैनर तले विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं और नागरिकों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने रामनगर के लखनपुर चुंगी पर एक सभा का आयोजन किया, जहां वक्ताओं ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर गंभीर आरोप लगाए। सभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को अब तक न्याय न मिलना, राज्य की मां-बहनों की अस्मिता का सवाल बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस हत्याकांड में शामिल प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि जब तक इस मामले से जुड़े सभी दोषियों का नाम सार्वजनिक कर उनकी गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
महिला एकता मंच ने मांग की है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच के लिए मामले को सीबीआई को सौंपा जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार महिला सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। आज प्रदेश की महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। अंकिता हत्याकांड ने राज्य की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
महिला एकता मंच की संयोजक सरस्वती जोशी ने अपने बयान में कहा कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिलेगा और दोषियों को सजा नहीं दी जाएगी, तब तक महिलाएं चुप नहीं बैठेंगी। यह लड़ाई केवल अंकिता के लिए नहीं, बल्कि उत्तराखंड की हर बेटी के सम्मान और सुरक्षा की लड़ाई है।
अंकिता हत्याकांड को लेकर रामनगर में महिला एकता मंच ने किया प्रदर्शन