अस्पताल में बच्चे का उपचार न किए जाने की बात निराधारः सीएमएस

मसूरी। उप जिला चिकित्सालय में एक बच्चे के की मौत के लिए उप जिला चिकित्सालय पर लगाये गये आरोपों का सीएमएस डा. खजान सिंह ने खंडन किया व कहा कि आरोप पूरी तरह से निराधार व भ्रामक हैं, जिससे अस्पताल की छवि खराब हुई है। उन्होंने कहा कि जिस बच्चे की मौत हुई है उस परिवार के साथ उनकी संवेंदनाएं है। लेकिन अस्पताल आने पर बच्चे का उपचार न किए जाने की बात बिल्कुल निराधार है।
पत्रकारों से बातचीत में उप जिला चिकित्सालय लंढौर के सीएमएस डा. खजान सिंह चैहान ने उस परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की व कहा कि उनके भी दो बच्चे हंै, लेकिन जो आरोप लगाये गये उस पर जांच कमेटी बिठाई गयी जिसमें अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम को रखा गया व टीम ने जो जांच की उसमें कहीं भी ऐसा नहीं पाया गया कि बच्चे का उपचार नहीं किया गया। उन्होंने सीसीटीवी की फुटेज देखकर कहा कि अस्पताल का दरवाजा खुला था उससे पहले एक महिला भी आयी व उसके बाद बच्चे को लेकर महिला आयी। यह आरोप पूरी तरह निराधार है कि दरवाजा बंद था। जहां तक उपचार का मामला है तो बच्चें को आपात कालीन चिकित्सक ने देखा व उसकी दवा के बारे में जानकारी ली व ओआरएस  दिया व जिस प्राइवेट चिकित्सक को पहले दिखाया उनके द्वारा दी गयी दवाएं भी दिखाई जिसमें से चिकित्सक ने कुछ दवाएं हटायी व अन्य लिखी इस घटनाक्रम में करीब एक घंटे का समय लगा वहीं बच्चे की मां से कहा गया कि आप आठ बजे तक यहीं रूकें व तब तक विशेषज्ञ चिकित्सक आ जाते है उन्हें दिखा देना, लेकिन महिला सीधे अस्पताल से आ गयी व बाद में पता चला कि वह उसे लंढौर कम्युनिटी अस्पताल ले गयी। सीएसएस चैहान ने कहा कि किसी भी अस्पताल में जाओ चाहे मैक्स हो या अन्य कोई अस्पताल सभी में इमरजेंसी में विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं रहता तक उनका उपचार प्राथमिक तौर पर किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इसमें चिकित्सक व स्टाफ की कोई गलती नजर नहीं आती। ऐसे आरोपों से चिकित्सकों व कर्मचारियों का मनोबल गिरता है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जायेगी सभी आरोप निराधार पाये गये। पत्रकारों से बातचीत के दौरान जिस चिकित्सक प्रशात नैथानी ने बच्चें का उपचार किया उन्होंने भी कहा कि बच्चें का उपचार किया गया उस समय वरिष्ठ नर्सिग स्टाफ भी वहां था जो सभी सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है। इस मौके पर वरिष्ठ चिकित्सक डा. आलोक जैन, डा. संतोष नेगी, डा. बीना सिंह व प्रशात नैथानी मौजूद रहे।

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