केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं पर सरकार की पैनी नजर, प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश ने की वर्चुअल समीक्षा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में केदारनाथ धाम यात्रा को सुचारु, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए राज्य सरकार लगातार यात्रा व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही है। इसी क्रम में प्रभारी सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार ने मंगलवार को जनपद रुद्रप्रयाग में संचालित केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं की वर्चुअल माध्यम से विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग से यात्रा मार्ग, प्रमुख पड़ावों, यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा वर्तमान व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही यात्रा के दौरान सामने आ रही चुनौतियों और उनके त्वरित समाधान को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाएं सुचारु, पेयजल-विद्युत की स्थिति सामान्य
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग ने प्रभारी सचिव को अवगत कराया कि वर्तमान में केदारनाथ यात्रा सुचारु रूप से संचालित हो रही है। यात्रा मार्ग और प्रमुख पड़ावों पर यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। जनपद में पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति से संबंधित किसी प्रकार की बड़ी समस्या सामने नहीं है। संबंधित विभागों द्वारा व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग से लेकर केदारनाथ धाम तक सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को लगातार प्रभावी बनाए रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यात्रियों की सुविधा से जुड़ी छोटी से छोटी समस्या का भी तत्काल संज्ञान लेकर उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के निर्देश
समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की भी जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाएं संचालित हैं, हालांकि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कुछ कमी महसूस की जा रही है। जिला प्रशासन की ओर से विशेषज्ञ चिकित्सकों की अतिरिक्त तैनाती का अनुरोध किया गया। डॉ. आर. राजेश कुमार ने यात्रियों को बेहतर और समयबद्ध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और मजबूत करने तथा यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सेवाओं की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं, ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य तंत्र पूरी तरह तैयार रहना चाहिए।
घोड़ा-खच्चरों की व्यवस्था और पशु कल्याण पर भी जोर
प्रभारी सचिव ने यात्रा मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों एवं अन्य पशुओं से संबंधित व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य, उनके संचालन और यात्रा मार्ग पर पशु कल्याण से जुड़े प्रबंधों की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यात्रा के दौरान घोड़ा-खच्चरों एवं अन्य पशुओं के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए और निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी, आवश्यक चिकित्सा सुविधा तथा संचालन व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि यात्रा व्यवस्था के साथ-साथ पशु कल्याण के मानकों का भी पालन हो।
सभी विभाग आपसी समन्वय से करें कार्य
डॉ. आर. राजेश कुमार ने यात्रा मार्ग पर साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, यातायात, सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा राज्य की महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में शामिल है और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने जिलाधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। यात्रा के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर उसका समाधान किया जाए। साथ ही यात्रा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए।
प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाए रखना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रियों को किसी भी स्तर पर असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता को भी पूरा किया जाएगा। यात्रा मार्ग पर पेयजल, विद्युत, साफ-सफाई, यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी हो। घोड़ा-खच्चरों के साथ मानवीय व्यवहार और निर्धारित मानकों का पालन भी सुनिश्चित किया जाए। छोटी से छोटी समस्या का तत्काल समाधान कर श्रद्धालुओं को बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जाए।

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