देहरादून। सरस्वती विहार विकास समिति के तत्वावधान में शिव शक्ति मंदिर सरस्वती विहार अजबपुर खुर्द में शिव महापुराण कथा के तृतीय दिवस के अवसर पर कथा महात्म्य में आचार्य महामाया प्रसाद ने कहा की भगवान शिव को विभूति, रुद्राक्ष और बिल्भ पत्री अत्यंत प्रिय है। शिव भक्त को अपने मस्तक पर विभूति का त्रिपुंड्र और कंठ में रुद्राक्ष की माला धारण कर भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।
रुद्राक्ष माला को धारण करते समय भक्तों को शुद्धता का विशेष ध्यान रखना चाहिए…शिव महापुराण के विद्येश्वर संहिता में भगवान शिव माता पार्वती को बताते हैं कि बिना विभूति और रुद्राक्ष माला के मेरी पूजा व्यर्थ हो जाती है इसलिए शिव पूजा के समय विभूति और रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए। बिलभपत्री के वृक्ष को साधारण अपितु इसको साक्षात शिव रूप में पूजना चाहिए ..प्रति दिन चंदन अक्षत पुष्प धूप दीप नैवेद्य से पूजन करना चाहिए …लिंग महापुराण में वर्णन है कि अमावस्या, अष्टमी, नवमी,संक्रांति और सोमवार को भूल से भी बिलभपत्री नहीं तोड़नी चाहिए।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष पंचम सिंह बिष्ट वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीएस चैहान उपाध्यक्ष कैलाश राम तिवारी सचिव गजेंद्र भंडारी मंदिर संयोजक मूर्ति राम बिज्जलवान, सह संयोजक दिनेश जुयाल, वरिष्ठ मंत्री अनूप सिंह फर्तियाल, विजय सिंह रावत, मंगल सिंह कुट्टी, जयप्रकाश सेमवाल, चिंतामणि पुरोहित, बसंत सिंह दफोनी, बीपी शर्मा, पीएल चमोली, आशीष गुसांईं, आचार्य उदय प्रकाश नौटियाल, आचार्य सुशांत जोशी, आचार्य अखिलेश बधानी, वेद किशोर शर्मा, पुष्कर सिंह नेगी आदि उपस्थित थे।
सरस्वती विहार अजबपुर खुर्द में शिव महापुराण का आयोजन